उत्तर प्रदेश का इतिहास pdf in hindi
उत्तर प्रदेश का इतिहास इतना समृद्ध है कि इसके बिना भारत का इतिहास अधूरा है। यूपी की सभी आगामी परीक्षाओं (UPPSC, RO/ARO, UP Police, UPSSSC) के लिए यह “इतिहास का रामबाण कैप्सूल” है, जिसे कालक्रम (Chronology) के अनुसार तैयार किया गया है ताकि याद रखने में आसानी हो:
1. प्राचीन काल (Ancient History)
पाषाण काल (Stone Age):
बेलन घाटी (प्रयागराज): यहाँ से पुरापाषाण काल के साक्ष्य और हड्डी की बनी मातृदेवी की मूर्ति मिली है।
कोल्डिहवा (प्रयागराज): विश्व में धान (चावल) की खेती के सबसे प्राचीन साक्ष्य (लगभग 6000 ई.पू.) यहीं से मिले हैं।
सिंधु घाटी सभ्यता (IVC):
आलमगीरपुर (मेरठ): यह सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल है, जो हिंडन नदी के किनारे स्थित है।
महाजनपद काल (600 ई.पू.): बौद्ध ग्रंथ ‘अंगुत्तर निकाय’ के अनुसार कुल 16 महाजनपदों में से 8 महाजनपद अकेले उत्तर प्रदेश में थे:
कुरु (मेरठ-दिल्ली) 2. पांचाल (बरेली-बदायूं) 3. सूरसेन (मथुरा) 4. वत्स (प्रयागराज) 5. कोशल (अयोध्या) 6. मल्ल (कुशीनगर) 7. काशी (वाराणसी) 8. चेदि (बुंदेलखंड)।
2. बौद्ध एवं जैन धर्म का केंद्र
स्मरण रहे: उत्तर प्रदेश को “बौद्ध धर्म का पालना” (Cradle of Buddhism) कहा जाता है
सारनाथ (वाराणसी): भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश (धम्मचक्कपवत्तन) यहीं दिया था।
श्रावस्ती: बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक उपदेश यहीं दिए थे।
कुशीनगर: यहाँ भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण (मृत्यु) हुआ था।
कौशाम्बी: यह बौद्ध और जैन दोनों धर्मों का एक प्रसिद्ध प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है।
3. मौर्य, गुप्त और हर्ष काल
अशोक के स्तंभ: सारनाथ का सिंह स्तंभ (जो भारत का राष्ट्रीय चिह्न है) और प्रयाग स्तंभ लेख उत्तर प्रदेश में ही हैं।
गुप्त काल (गोल्डन एरा):
भीतरगांव मंदिर (कानपुर): गुप्तकालीन ईंटों से बना प्राचीन मंदिर।
देवगढ़ का दशावतार मंदिर (ललितपुर): गुप्त काल की वास्तुकला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण।
हर्षवर्धन काल: कन्नौज राजा हर्षवर्धन की राजधानी थी। हर्ष प्रति 5 वर्ष में प्रयाग में महामोक्ष परिषद का आयोजन करता था।
4. मध्यकाल और सल्तनत/मुगल काल (Medieval History)
जौनपुर की स्थापना: फिरोज शाह तुगलक ने अपने भाई जौना खां (मोहम्मद बिन तुगलक) की याद में की थी। इसे “शीराज-ए-हिंद” (पूर्व का शीराज) कहा जाता है।
आगरा की स्थापना: 1504 में सिकंदर लोदी ने की और 1506 में इसे अपनी राजधानी बनाया।
मुगल काल की धुरी:
अकबर ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनाया और वहाँ बुलंद दरवाजा, पंचमहल का निर्माण कराया।
शाहजहाँ ने आगरा में ताजमहल और मोती मस्जिद बनवाई।
5. आधुनिक काल एवं स्वतंत्रता आंदोलन (Modern History)
1857 की क्रांति: शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ से हुई। यूपी के प्रमुख केंद्र और उनके नेता:
झांसी: रानी लक्ष्मीबाई
कानपुर: नाना साहब एवं तात्या टोपे
लखनऊ: बेगम हजरत महल
प्रयागराज (इलाहाबाद): लियाकत अली
बरेली: खान बहादुर खान
फैजाबाद: मौलवी अहमद उल्लाह
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक कांड:
चौरी-चौरा कांड (गोरखपुर): 4 फरवरी 1922 (इस घटना के बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था)।
काकोरी ट्रेन एक्शन (लखनऊ): 9 अगस्त 1925 (HRA के क्रांतिकारियों – रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां आदि द्वारा ट्रेन लूटी गई)।
6. उत्तर प्रदेश का नामकरण और प्रशासनिक विकास
परीक्षाओं में अक्सर उत्तर प्रदेश के नामों का क्रमिक इतिहास पूछा जाता है:
| वर्ष | राज्य का नाम | राजधानी |
| 1836 से | उत्तर-पश्चिम प्रांत (North-Western Province) | आगरा |
| 1877 से | उत्तर-पश्चिम प्रांत, अवध एवं आगरा | इलाहाबाद (1858 से) |
| 1902 से | आगरा एवं अवध का संयुक्त प्रांत | इलाहाबाद |
| 1937 से | केवल संयुक्त प्रांत (United Province) | लखनऊ (1935 से पूर्णतः) |
| 24 जनवरी 1950 | उत्तर प्रदेश (वर्तमान नाम मिला) | लखनऊ |
विशेष नोट: 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के 13 पर्वतीय जिलों को अलग करके एक नया राज्य “उत्तराखंड” बनाया गया था।
| Download PDF | Click here |