भारतीय अर्थव्यवस्था: 30 धमाका प्रश्न (Mock Test)
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थियों का InsuVantage के शिक्षा पोर्टल पर स्वागत है। जब हम प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, UPSC, UP Police, या बैंकिंग) की बात करते हैं, तो ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ (Indian Economy) एक ऐसा विषय है जो अक्सर छात्रों को थोड़ा कठिन या ‘Dry’ लगता है। लेकिन असल में, अर्थव्यवस्था केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के विकास, आपके बटुए की ताकत और सरकार की नीतियों की वह कहानी है जो सीधे आपके जीवन को प्रभावित करती है।
आजादी के समय की ‘बैलगाड़ी अर्थव्यवस्था’ से लेकर आज की दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती ‘डिजिटल इकोनॉमी’ तक का सफर वाकई अद्भुत रहा है। परीक्षाओं में अक्सर जीएसटी (GST), नीति आयोग, पंचवर्षीय योजनाएं, बैंकिंग प्रणाली और राष्ट्रीय आय जैसे विषयों से सीधे सवाल पूछे जाते हैं।
कई बार छात्र यह तो जानते हैं कि बजट क्या है, लेकिन ‘अनुच्छेद 112’ के बारे में कन्फ्यूज हो जाते हैं। या फिर वे ‘रेपो रेट’ और ‘रिवर्स रेपो रेट’ के अंतर में उलझ जाते हैं।
आपकी इसी उलझन को सुलझाने और आपकी तैयारी को एक नई धार देने के लिए, हम लेकर आए हैं भारतीय अर्थव्यवस्था के 30 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न। ये वो प्रश्न हैं जो न केवल बुनियादी समझ विकसित करते हैं, बल्कि पिछले कई वर्षों की परीक्षाओं में बार-बार दोहराए गए हैं।
इस प्रैक्टिस सेट की सबसे खास बात यह है कि इसमें हर प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या (Detailed Explanation) दी गई है, ताकि आप एक सवाल के साथ 2-3 अन्य तथ्यों को भी याद कर सकें। तो चलिए, बिना देर किए शुरू करते हैं अर्थव्यवस्था का यह ‘पावर पैक’ टेस्ट। ़
देखते हैं कि आप 30 में से कितने सवालों का सही जवाब दे पाते हैं!
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं का विचार तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) से लिया गया था।
योजना आयोग को बदलकर 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग की स्थापना की गई थी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है, जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई थी।
कृषि और उससे संबंधित गतिविधियों को प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector) कहा जाता है।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) पूरे भारत में 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया था।
डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत में श्वेत क्रांति (दुग्ध उत्पादन) का जनक माना जाता है।
भारत में राष्ट्रीय आय की गणना केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (अब NSO) द्वारा की जाती है।
प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) हेरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी।
सिक्कों की ढलाई भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा की जाती है, जबकि नोट आरबीआई छापता है।
मिश्रित अर्थव्यवस्था में निजी (Private) और सार्वजनिक (Public) दोनों क्षेत्रों का सह-अस्तित्व होता है।
पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) के दौरान इंदिरा गांधी द्वारा 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया गया था।
भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्यालय मुंबई में स्थित है।
भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है।
₹1 के नोट पर भारत के वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं, अन्य सभी नोटों पर आरबीआई गवर्नर के।
सेबी (SEBI - भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) शेयर बाजार को विनियमित करता है।
UNDP (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) द्वारा मानव विकास सूचकांक जारी किया जाता है।
1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) की नीति आई।
कृषि और ग्रामीण विकास के लिए नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को हुई थी।
WTO का मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलैंड) में स्थित है।
गोवा भारत में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य है।
तीसरी पंचवर्षीय योजना के बाद 1966 से 1969 तक तीन वार्षिक योजनाएं चलीं, जिसे योजना अवकाश कहा गया।
द्वितीय पंचवर्षीय योजना (महालनोबिस मॉडल) में भारी उद्योगों और औद्योगीकरण पर मुख्य जोर दिया गया।
भारत का जीएसटी मॉडल कनाडा के 'दोहरे जीएसटी' मॉडल पर आधारित है।
महंगाई बढ़ने पर ऋणी (Debtor) को लाभ होता है क्योंकि पैसे की क्रय शक्ति घट जाती है।
भारत का पहला बैंक 'बैंक ऑफ हिंदुस्तान' था, जिसकी स्थापना 1770 में हुई थी।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत 'वार्षिक वित्तीय विवरण' (बजट) पेश किया जाता है।
8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने ₹500 और ₹1000 के नोटों के विमुद्रीकरण की घोषणा की थी।
भारत को विनिर्माण हब बनाने के लिए सितंबर 2014 में मेक इन इंडिया शुरू किया गया।
खुली अर्थव्यवस्था वह है जो अन्य देशों के साथ व्यापार (आयात और निर्यात) करती है।
भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर दूसरी योजना में बने, जबकि बोकारो तीसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान बना था।
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