up lekhpal mock test 2026 (02)
🎯 UP Lekhpal Mock Test PDF with Answers: लेखपाल परीक्षा स्पेशल प्रैक्टिस सेट – 06
क्या आप उत्तर प्रदेश लेखपाल (UP Lekhpal) परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे हैं और पहले ही प्रयास में सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं? आपकी इसी तैयारी को बिल्कुल सटीक और मजबूत बनाने के लिए हम लेकर आए हैं UP Lekhpal Mock Test with Answers (प्रैक्टिस सेट – 06)।
यह मॉक टेस्ट पूरी तरह से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निर्धारित नवीनतम लेखपाल सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस सेट में परीक्षा के चारों महत्वपूर्ण खंडों को पूरी तरह कवर किया गया है:
सामान्य हिंदी (संधि, समास, तद्भव-तत्सम, विलोम, वाक्य शुद्धि)
गणित और सांख्यिकी (औसत, प्रतिशत, लाभ-हानि, केंद्रीय प्रवृत्ति के माप – माध्य, माध्यिका, बहुलक)
सामान्य ज्ञान (इतिहास, भारतीय संविधान, भूगोल, उत्तर प्रदेश जीके और कंप्यूटर)
ग्राम्य समाज एवं विकास (राजस्व परिषद, भूमि पैमाइश – बीघा/बिस्वा, ग्रामीण विकास योजनाएँ और लेखपाल के कार्य)
📌 इस प्रैक्टिस सेट की मुख्य विशेषताएं:
Targeted Syllabus: लेखपाल परीक्षा के हर एक टॉपिक से चुने गए 30 अति-महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)।
Detailed Explanation: केवल सही उत्तर ही नहीं, बल्कि हर प्रश्न के नीचे उसकी विस्तृत व्याख्या और गणित के आसान हल दिए गए हैं।
Free PDF Download Available: आप इस UP Lekhpal Practice Set को PDF के रूप में भी डाउनलोड करके ऑफलाइन अभ्यास कर सकते हैं।
🏆 जीत का मूलमंत्र: लेखपाल परीक्षा में ग्राम्य समाज और सांख्यिकी (Statistics) ही मेरिट तय करते हैं, इसलिए इनका गहन अभ्यास ही आपको दूसरों से आगे ले जाएगा!
नीचे दिए गए 30 प्रश्नों को पूरी ईमानदारी से हल करें, टाइमर का ध्यान रखें और देखें कि आज आप इस कड़े मुकाबले में कितना स्कोर कर पाते हैं।
“दम है तो लेखपाल परीक्षा के इस विशेष 30 प्रश्नों के लाइव टेस्ट में 25+ सही करके दिखाओ!” 🔥
यह यण स्वर संधि का उदाहरण है। नियम के अनुसार यदि 'उ' के बाद कोई असमान स्वर (ए) आए, तो 'उ' का 'व्' बन जाता है। अतः अनु + एषण = अनवेषण।
कार्यकुशल का विग्रह 'कार्य में कुशल' होता है। यहाँ अधिकरण कारक की विभक्ति 'में' का लोप हो रहा है, इसलिए यह अधिकरण तत्पुरुष समास है।
'अक्षि' एक तत्सम (संस्कृत) शब्द है जिसका समय के साथ परिवर्तित होकर बना तद्भव रूप 'आँख' है।
'कृश' का अर्थ दुबला-पतला या कमज़ोर होता है। इसका सही विलोम 'स्थूल' (भारी या मोटा) या 'पुष्ट' होता है।
शुद्ध मानक व्याकरणिक वर्तनी के अनुसार 'अंतर्धान' सही शब्द है, जिसका अर्थ गायब हो जाना होता है।
हरिद्वार एक विशेष शहर या स्थान का नाम है। जो शब्द किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराते हैं, उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।
इस लोकोक्ति का अर्थ है कि कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण कार्य (जैसे ऊँट जैसी बड़ी चीज़ की चोरी) कभी भी छिपकर या झुक-झुककर नहीं किया जा सकता, वह सबके सामने आ ही जाता है।
जो कार्य या बात कानून या नियमों के विरुद्ध या अनुकूल न हो, उसे 'अवैध' या 'गैरकानूनी' कहा जाता है।
माना संख्या x है। प्रश्न के अनुसार: (x का 60%) - 60 = 60 => 0.60x = 120 => x = 120 / 0.60 = 200।
प्रथम 5 अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7, और 11 हैं। इनका योग = 2+3+5+7+11 = 28। औसत = 28 / 5 = 5.6।
3, 4, 5 एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ हैं (क्योंकि 3² + 4² = 5²)। समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई = 1/2 × 3 × 4 = 6 वर्ग सेमी।
प्रतिशत प्रभाव सूत्र = A + B + (AB/100) से; यहाँ 20 - 10 + (20 × -10)/100 = 10 - 2 = 8%। धनात्मक मान होने के कारण 8% की वृद्धि होगी।
सांख्यिकी के आनुभविक सूत्र (Empirical Formula) के अनुसार: बहुलक (Mode) = 3 × माध्यिका (Median) - 2 × माध्य (Mean) होता है।
आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर: 4, 5, 6, 8, 9, 10, 12। पदों की संख्या (n) = 7 (विषम) है। माध्यिका = (7+1)/2 वां पद = चौथा पद = 8।
वर्ग का क्षेत्रफल = (विकर्ण)² / 2 होता है। अतः क्षेत्रफल = (10)² / 2 = 100 / 2 = 50 वर्ग सेमी।
ज्ञान प्राप्ति के बाद महात्मा बुद्ध ने वाराणसी के निकट सारनाथ (ऋषिपत्तन) में अपने पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था, जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है।
राज्य के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 40 में राज्यों को ग्राम पंचायतों के गठन और उन्हें शक्तियां प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
इस नारे को मूल रूप से मौलाना हसरत मोहानी ने लिखा था, लेकिन इसे सर्वप्रथम बड़े पैमाने पर लोकप्रिय बनाने और उपयोग करने का श्रेय सरदार भगत सिंह को जाता है।
महासागरीय लवणता का मुख्य स्रोत भूमि (Run-off से प्राप्त चट्टानों के खनिज) है, जिसे नदियाँ बहाकर समुद्र में लाती हैं।
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर जिले में यूरेनियम के सीमित भंडारों की खोज की गई है।
ALU का पूर्ण रूप Arithmetic Logic Unit (अंकगणितीय तार्किक इकाई) होता है, जो कंप्यूटर के CPU का भाग है और गणितीय गणनाएँ करता है।
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की स्थापना ब्रिटिश काल में वर्ष 1831 में इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) में की गई थी।
उत्तर प्रदेश में एक पक्का बीघा 3025 वर्ग गज के बराबर होता है, जो कि 20 बिस्वा के बराबर होता है।
राजस्व प्रशासन में ग्राम स्तर पर राजस्व अभिलेखों को बनाए रखने और प्रबंधन करने वाला सबसे प्राथमिक या निचला पद लेखपाल (पटवारी) का होता है।
गोकुल बैराज परियोजना यमुना नदी पर बनाई गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य आगरा और मथुरा के निवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
नरेगा अधिनियम 2005 के तहत इस योजना की शुरुआत आधिकारिक तौर पर 2 फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से की गई थी। बाद में 2009 में इसका नाम मनरेगा कर दिया गया।
लेखपाल द्वारा तैयार किए गए खसरा, खतौनी और अन्य भू-अभिलेखों की जांच कर उन्हें राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) प्रमाणित व हस्ताक्षरित करता है।
उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम वर्ष 1950 में पारित हुआ और यह 1 जुलाई 1952 से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया गया था।
पूसा रूबी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा विकसित की गई टमाटर की एक बहुत ही प्रसिद्ध और अधिक उपज देने वाली किस्म है।
ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए पूर्व की कई योजनाओं को मिलाकर 1 अप्रैल 1999 को स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू की गई थी।
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