hindi practice set for competitive exams pdf 03
hindi practice set for competitive exams pdf 03
अपनी तैयारी को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए आपका फिर से स्वागत है! पिछले दोनों प्रैक्टिस सेट में आपका प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा। आपकी इसी लगन को देखते हुए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं हिंदी व्याकरण और साहित्य का मिक्स्ड प्रैक्टिस सेट 03।
इस टेस्ट में भी सभी प्रश्नों को पूरी तरह से परीक्षा के नए पैटर्न के अनुसार सेट किया गया है, जिसमें विसर्ग व व्यंजन संधि, समास, अलंकार और प्रमुख साहित्यिक रचनाओं से जुड़े बेहतरीन प्रश्नों को शामिल किया गया है। हर प्रश्न के साथ दी गई सटीक व्याख्या (Explanation) आपके सारे डाउट तुरंत क्लियर कर देगी।
✍️ सफलता का सूत्र: हर दिन किया गया छोटा सा प्रयास, एक दिन बहुत बड़ी कामयाबी लाता है।
तो चलिए, बिना समय गंवाए खुद को परखने के लिए तैयार हो जाइए। पूरे ध्यान से इन प्रश्नों को हल करें और अपनी तैयारी का स्तर जांचें।
“दम है तो इस सेट में भी 10 में से 8+ सही करके दिखाओ!” 🔥
शुभकामनाएँ! अपनी जीत पक्की करें! 👍
[pro_quiz timer=”30″ q=”1. ‘सज्जन’ शब्द का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?” opts=”सज्+जन, सत्+जन, सद+जन, सः+जन” cor=”2″ exp=”यहाँ व्यंजन संधि का नियम लागू होता है। नियम के अनुसार यदि ‘त’ या ‘द’ के बाद ‘ज’ या ‘झ’ आए, तो ‘त/द’ का परिवर्तन ‘ज’ में हो जाता है। अतः सत् + जन = सज्जन।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”2. ‘पीताम्बर’ शब्द में कौन-सा समास है?” opts=”अव्ययीभाव समास, द्वंद्व समास, बहुव्रीहि समास, तत्पुरुष समास” cor=”3″ exp=”पीत है अम्बर (वस्त्र) जिसका अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण/विष्णु। यहाँ दोनों पद मिलकर किसी तीसरे विशेष पद (संज्ञा) की ओर संकेत कर रहे हैं, इसलिए यहाँ बहुव्रीहि समास है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”3. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘अंधकार’ का पर्यायवाची नहीं है?” opts=”तम, तिमिर, रूद्र, ध्वान्त” cor=”3″ exp=”‘तम’, ‘तिमिर’ और ‘ध्वान्त’ सभी अंधकार के पर्यायवाची शब्द हैं, जबकि ‘रूद्र’ भगवान शिव का पर्यायवाची है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”4. ‘उपेक्षा’ शब्द का सही विलोम शब्द क्या होगा?” opts=”अपेक्षा, अनुपेक्षा, सापेक्षा, अवहेलना” cor=”1″ exp=”‘उपेक्षा’ का अर्थ किसी की अवहेलना या उदासीनता करना होता है, जबकि ‘अपेक्षा’ का अर्थ इच्छा, आवश्यकता या तुलना होता है। ये दोनों परस्पर विलोम हैं।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”5. ‘ओष्ठ’ शब्द का सही तद्भव रूप क्या होगा?” opts=”ओठ, मुँह, गाल, दाँत” cor=”1″ exp=”‘ओष्ठ’ एक तत्सम (संस्कृत) शब्द है जिसका समय के साथ बदला हुआ हिंदी तद्भव रूप ‘ओठ’ या ‘होंठ’ होता है। मुख का तद्भव मुँह होता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”6. ‘जो मापा न जा सके’ वाक्यांश के लिए एक शब्द क्या होगा?” opts=”अमापित, अपरिमेय, अनुपेय, अपरिमित” cor=”2″ exp=”जिसे मापा या तोला न जा सके, उसे ‘अपरिमेय’ कहा जाता है। जिसकी कोई सीमा न हो उसे ‘अपरिमित’ कहते हैं।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”7. ‘गागर में सागर भरना’ मुहावरे का सही अर्थ क्या है?” opts=”गागर से पानी समुद्र में डालना, थोड़े शब्दों में बहुत बड़ी बात कह देना, बहुत अधिक बोलना, समुद्र की यात्रा करना” cor=”2″ exp=”इस प्रसिद्ध मुहावरे का अर्थ है बहुत ही कम शब्दों में बहुत गहरा, विस्तृत और महत्वपूर्ण अर्थ व्यक्त कर देना। कवि बिहारी के दोहों के लिए यह उक्ति प्रसिद्ध है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”8. ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ लोकोक्ति का सही अर्थ क्या है?” opts=”पहाड़ खोदकर चूहे को पकड़ना, कठिन परिश्रम के बाद बहुत कम लाभ होना, बिना परिश्रम के लाभ मिल जाना, पहाड़ पर चूहे का मिलना” cor=”2″ exp=”इस लोकोक्ति का अर्थ है कि जब किसी कार्य को करने में अत्यधिक प्रयत्न या परिश्रम किया जाए, लेकिन उसका अंतिम परिणाम या लाभ बहुत छोटा सा प्राप्त हो।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”9. ‘चरन धरत चिंता करत चितवत चहूँ ओर। सुबरन को खोजत फिरत कबि, व्यभिचारी, चोर।।’ में कौन-सा अलंकार है?” opts=”अनुप्रास अलंकार, यमक अलंकार, श्लेष अलंकार, रूपक अलंकार” cor=”3″ exp=”यहाँ ‘सुबरन’ शब्द एक ही बार आया है परंतु प्रसंग के अनुसार इसके तीन अलग-अलग अर्थ हैं: कवि के लिए सुंदर अक्षर, व्यभिचारी के लिए सुंदर रूप-रंग और चोर के लिए स्वर्ण (सोना)। अतः यहाँ श्लेष अलंकार है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”10. रौद्र रस का स्थायी भाव क्या होता है?” opts=”भय, क्रोध, शोक, विस्मय” cor=”2″ exp=”रौद्र रस का स्थायी भाव ‘क्रोध’ होता है। जब किसी विरोधी, अनुचित कार्य या अपमान के कारण मन में गुस्सा जाग्रत होता है, वहाँ रौद्र रस की निष्पत्ति होती है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”1. ‘मनस्ताप’ शब्द का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?” opts=”मनः+ताप, मन+ताप, मनो+ताप, मनस+ताप” cor=”1″ exp=”यहाँ विसर्ग संधि का नियम लागू होता है। नियम के अनुसार यदि विसर्ग के बाद ‘त’ या ‘थ’ आए, तो विसर्ग का परिवर्तन ‘स्’ में हो जाता है। अतः मनः + ताप = मनस्ताप।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”2. ‘प्रत्यक्ष’ शब्द में कौन-सा समास है?” opts=”तत्पुरुष समास, कर्मधारय समास, द्विगु समास, अव्ययीभाव समास” cor=”4″ exp=”जिस समास का पहला पद अव्यय या उपसर्ग हो, वहाँ अव्ययीभाव समास होता है। ‘प्रत्यक्ष’ का विग्रह ‘आँखों के सामने’ होता है, जहाँ ‘प्रति’ एक उपसर्ग (अव्यय) है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”3. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘यमुना’ का पर्यायवाची नहीं है?” opts=”कालिंदी, अर्कजा, भागीरथी, कृष्णा” cor=”3″ exp=”‘कालिंदी’, ‘अर्कजा’ और ‘कृष्णा’ यमुना के पर्यायवाची शब्द हैं, जबकि ‘भागीरथी’ गंगा नदी का पर्यायवाची है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”4. ‘ऊर्ध्व’ शब्द का सही विलोम शब्द क्या होगा?” opts=”अधः, अंत, निम्न, ऊपर” cor=”1″ exp=”‘ऊर्ध्व’ का अर्थ ऊपर की ओर होता है और इसका सटीक विलोम शब्द ‘अधः’ होता है, जिसका अर्थ नीचे की ओर होता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”5. ‘कूर्दिका’ शब्द का सही तद्भव रूप क्या होगा?” opts=”कूदना, कुदाल, कौड़ी, कचौड़ी” cor=”4″ exp=”‘कूर्दिका’ एक तत्सम (संस्कृत) शब्द है जिसका समय के साथ बदला हुआ हिंदी तद्भव रूप ‘कचौड़ी’ होता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”6. ‘जो बहुत सोच-समझकर काम करता हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द क्या होगा?” opts=”दूरदर्शी, विवेकशील, मर्मज्ञ, कार्यकुशल” cor=”2″ exp=”उचित-अनुचित और अच्छे-बुरे का विचार करके, बहुत सोच-समझकर कदम उठाने वाले व्यक्ति को ‘विवेकशील’ कहा जाता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”7. ‘ऊँट की चोरी निहुरे-निहुरे’ लोकोक्ति का सही अर्थ क्या है?” opts=”बड़ा काम छिपकर नहीं किया जा सकता, असंभव कार्य करने का प्रयास करना, किसी की वस्तु चुपके से चुराना, सीमा से अधिक चालाकी दिखाना” cor=”1″ exp=”इस लोकोक्ति का अर्थ है कि कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण कार्य (जैसे ऊँट जैसी बड़ी चीज़ की चोरी) कभी भी झुक-झुक कर या छिपकर नहीं किया जा सकता, वह सबके सामने आ ही जाता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”8. ‘कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय। या खाए बौराय जग वा पाए बौराय।।’ में कौन-सा अलंकार है?” opts=”अनुप्रास अलंकार, श्लेष अलंकार, यमक अलंकार, उपमा अलंकार” cor=”3″ exp=”यहाँ ‘कनक’ शब्द दो बार आया है और दोनों बार इसका अर्थ अलग है; पहले कनक का अर्थ ‘सोना’ (धन्) है और दूसरे कनक का अर्थ ‘धतूरा’ है। अतः यहाँ यमक अलंकार है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”9. शांत रस का स्थायी भाव क्या होता है?” opts=”निर्वेद (वैराग्य), शोक, शम, विस्मय” cor=”1″ exp=”जब संसार की नश्वरता का ज्ञान होने पर मन में वैराग्य उत्पन्न होता है, तब शांत रस की निष्पत्ति होती है और इसका स्थायी भाव ‘निर्वेद’ या ‘शम’ होता है, जिसमें निर्वेद को प्राथमिक मानक माना जाता है।”]
[pro_quiz timer=”30″ q=”10. ‘कबीरा खड़ा बज़ार में’ नाटक के रचनाकार कौन हैं?” opts=”भारतेंदु हरिश्चंद्र, भीष्म साहनी, मोहन राकेश, लक्ष्मी नारायण लाल” cor=”2″ exp=”‘कबीरा खड़ा बज़ार में’ भीष्म साहनी द्वारा रचित एक अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय हिंदी नाटक है, जो कबीर दास के जीवन और विचारों पर आधारित है।”]
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